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Bhagalpur Flood News: नवगछिया में तटबंध में 70-80 मीटर का कटाव, गंगा का पानी गांवों की ओर बढ़ा; प्रशासन अलर्ट

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | भागलपुर के नवगछिया में राघोपुर-नरकटिया तटबंध में बड़ा कटाव होने से गंगा का पानी आसपास के इलाकों में फैलने लगा। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम मरम्मत कार्य में जुटी है।

भागलपुर, 24 अगस्त। बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच भागलपुर के नवगछिया इलाके से तटबंध को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में सोमवार तड़के राघोपुर-नरकटिया तटबंध का एक हिस्सा तेज धारा के दबाव में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक करीब 70 से 80 मीटर हिस्से में कटाव हुआ है। इसके बाद गंगा का पानी आसपास के निचले इलाकों की तरफ बढ़ने लगा और ग्रामीणों के बीच दहशत फैल गई।

बताया जा रहा है कि यह घटना जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय के समीप हुई। रात करीब तीन बजे तटबंध में अचानक कटाव की सूचना मिली। पानी का दबाव लगातार बढ़ने के कारण स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। तटबंध के कमजोर हिस्से से पानी निकलने के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई।

घटना की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग के अभियंता और कर्मचारी सक्रिय हो गए। टीम ने मौके पर पहुंचकर कटाव को रोकने और तटबंध को सुरक्षित करने का काम शुरू किया। विभागीय कर्मियों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी बचाव और मरम्मत कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

तटबंध टूटने के बाद आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों की नजर अब पानी के बहाव और तटबंध की मरम्मत पर टिकी हुई है। यदि कटाव वाले हिस्से को समय रहते मजबूत नहीं किया गया तो पानी का फैलाव और अधिक क्षेत्र में हो सकता है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, नवगछिया एसपी वैभव शर्मा और नवगछिया एसडीपीओ अनिकेत अमर समेत प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और विभागीय टीम से मरम्मत कार्य की जानकारी ली।

जिलाधिकारी के अनुसार तेज धारा के कारण तटबंध में कटाव हुआ है। जल संसाधन विभाग की टीम रात से ही कटाव निरोधी कार्य में लगी हुई है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार राहत और बचाव की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है।

इस घटना का एक राजनीतिक और स्थानीय पहलू भी है। राघोपुर गांव बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री और गोपालपुर विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का पैतृक गांव बताया जा रहा है। तटबंध में कटाव के बाद उनके घर तक पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस घटना के बाद प्रशासनिक मशीनरी ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी।

तेज धारा बनी तटबंध के लिए चुनौती

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच नदी की तेज धारा तटबंध के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा निचले इलाकों में पानी फैलने का रहता है। ऐसे में तटबंध का कमजोर होना ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गया है।

राघोपुर में कटाव के बाद जल संसाधन विभाग की टीम का पूरा ध्यान फिलहाल प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने पर है। मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री और संसाधन मौके पर लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों की निगरानी में कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पानी के बढ़ते दबाव के कारण रात के समय अचानक स्थिति गंभीर हुई। तटबंध में कटाव की खबर फैलते ही लोग अपने घरों और आसपास के इलाकों की स्थिति देखने के लिए बाहर निकल आए। निचले हिस्सों में रहने वाले परिवार विशेष रूप से चिंतित हैं।

प्रशासन की बढ़ी निगरानी

तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को लगातार स्थिति की जानकारी लेने और मरम्मत कार्य में तेजी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती कटाव को आगे बढ़ने से रोकना है। यदि तटबंध का क्षतिग्रस्त हिस्सा मजबूत कर दिया जाता है तो पानी के फैलाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। लेकिन गंगा की तेज धारा के कारण मरम्मत कार्य में भी चुनौती बनी हुई है।

इस बीच पटना में बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने भी घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हर साल बिहार को बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है और भागलपुर में तटबंध का टूटना चिंता का विषय है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार जरूरी कदम उठाएगी और तटबंध को दोबारा सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आने वाले घंटे अहम

राघोपुर में तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। नदी का जलस्तर, पानी की धारा और मरम्मत कार्य की गति यह तय करेगी कि स्थिति कितनी जल्दी सामान्य होती है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता कटाव को रोकना और आसपास के आबादी वाले इलाकों को सुरक्षित रखना है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत और बचाव की व्यवस्था भी की जा सकती है।

गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच भागलपुर के नवगछिया में तटबंध का क्षतिग्रस्त होना एक गंभीर चेतावनी है। प्रशासन मौके पर मौजूद है और जल संसाधन विभाग की टीम युद्धस्तर पर मरम्मत में जुटी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि तटबंध को कितनी जल्दी पूरी तरह सुरक्षित किया जा सकेगा और पानी के फैलाव को कितना नियंत्रित किया जा सकेगा।

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तटबंधों की सुरक्षा फिर बनी बड़ी चुनौती

बिहार में गंगा समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ तटबंधों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। तटबंध का एक हिस्सा भी कमजोर होने पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ सकता है और आसपास के गांवों में हालात बिगड़ सकते हैं।

राघोपुर की घटना में प्रशासन ने सूचना मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया, लेकिन ऐसी घटनाएं यह सवाल भी खड़ा करती हैं कि नदी के बढ़ते दबाव वाले स्थानों पर निगरानी कितनी लगातार और प्रभावी है। बाढ़ के मौसम में संवेदनशील तटबंधों की नियमित पेट्रोलिंग और कमजोर हिस्सों की पहले से पहचान बेहद जरूरी है।

फिलहाल राहत की बात यह है कि अधिकारी और जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है। अब प्राथमिकता पानी के फैलाव को रोकने और प्रभावित हिस्से को मजबूत करने की है। अगले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि स्थिति नियंत्रण में रहती है या आसपास के गांवों पर खतरा और बढ़ता है।

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